शुक्रवार, 5 दिसंबर 2014

हिन्दी में सिनेमा का एनसायक्लोपीडिया


सिनेमा का संसार हिन्द महासागर की तरह है जिसकी अन्तहीनता की सिर्फ कल्पना की जा सकती है। दर्शक को उसका छोर भी बहुत मुश्किल से ढूँढ़े मिलेगा, वह भी अगर उसमें बहुत जतन करने की जिज्ञासा या कौतुहल हो अन्यथा सभी के लिए सिनेमा परदे का मनोरंजन है, चन्द घण्टे बैठकर सपनों की दुनिया की सैर कर आओ, लौटो तो खाली हाथ, कुछ आधे-अधूरे ख्वाबों के संग।

बहरहाल भारत में हिन्दी में एनसायक्लोपीडिया का तैयार होना एक बड़ी घटना है जिसे खासतौर पर ऐसे अवसर पर लोगों के बीच घोषित होना चाहिए जो वास्तव में सिनेमा से गहरे सरोकार रखते हैं। सिने रसिकों के लिए यह अथाह परिश्रम, क्षमताओं और जूझने वाली लगन से भरा काम वरिष्ठ फिल्म आलोचक, सम्पादक, लेखक श्रीराम ताम्रकर ने किया है जो इन्दौर में निवास करते हैं। उनको सिनेमा के संसार का अध्ययन और अनुभव का पाँच दशक से भी अधिक समय का ऐसा तजुर्बा है जिसमें निरन्तर सक्रियता उनका अपने ही से प्रमुख आग्रह रहा है। ऐसे व्यक्तित्व से ही इस तरह के बड़े काम की अपेक्षा की जा सकती है।

हिन्दी सिनेमा: एनसायक्लोपीडिया, श्रीराम ताम्रकर के अनुभवों, पढ़े-लिखे-देखे का जीता-जागता साक्ष्य है। अपने मार्गदर्शन में अनुभवी और दक्ष सम्पादन मण्डल के साथ जिनमें वरिष्ठ पत्रकार विनोद तिवारी, मनमोहन चड्ढा, सुरेश उनियाल, डाॅ. राजीव श्रीवास्तव, गोविन्द आचार्य आदि शामिल थे, यह दुर्लभ काम उन्होंने दो वर्ष के दिन-रात परिश्रम से पूरा किया है। इसमें 1500 प्रविष्टियाँ, 5000 से अधिक सन्दर्भ एवं सूचनाप्रधान प्रामाणिक जानकारी शामिल की गयी है।

इस एनसायक्लोपीडिया में स्टिल कैमरे के 1839 में आविष्कार के साथ ही सिनेमा के जन्म की दिलचस्प दास्तान, ल्यूमिएर ब्रदर्स, सावे दादा, दादा साहब फाल्के, सिनेमा से पहले का सिनेमा और सौ साल की यात्रा पर बहुत ही परिमार्जक ढंग से सावधानी के साथ आलेख, सूचनाएँ और जानकारियाँ संयोजित की गयी हैं। इस एनसायक्लोपीडिया में निर्माण, निर्देशन, अभिनय, कोरियोग्राफी, छायांकन, गीत, संगीतकार, एक्शन, संगीत संयोजन आदि पर बड़े उत्तरदायी ढंग से बात की गयी है। एनसायक्लोपीडिया तैयार करते हुए भारतीय सिनेमा की उन सब श्रेष्ठ और अमर विभूतियों का व्यक्तित्वपरक स्मरण किया गया है जिनकी अहम और आसाधारण भूमिका से ही सिनेमा ने अपने विराटपन को स्थापित किया है। 

इसी एनसायक्लोपीडिया में पहली बार फिल्मों की पारिभाषिक शब्दावली के बारे में समझा और जाना जा सकेगा जैसे क्लोज अप, लांग शाॅट, आॅन स्क्रीन साउण्ड, फ्लैश बैक, मोंताज, मीडियम शाॅट, आॅफ स्क्रीन साउण्ड, मिक्सिंग, डिजाल्व, अन-मेरिड प्रिंट आदि। समग्रता में सिने-व्यक्तित्वों के परिचय एवं योगदान के साथ ही फिल्म संस्थानों के साथ उनकी कार्यप्रणाली, उपयोगिता पर जानकारियाँ इसका हिस्सा हैं। एनसायक्लोपीडिया में सिनेमा से जुड़े सभी प्रमुख पुरस्कारों पर भी विस्तार से जानकारी है।

श्रीराम ताम्रकर इस प्रकल्प के मुख्य रचनात्मक सूत्रधार हैं जो लगभग पिछले दो वर्ष से लक्ष्य लेकर इस काम को पूरा करने में पिछले माह सफल हुए जब सम्पूर्णता में हिन्दी सिनेमा का भारत का यह पहला एनसायक्लोपीडिया उन्होंने पूर्ण किया। इस बीच स्वास्थ्य सम्बन्धी गहन समस्याएँ जिनमें हृदय की शल्य चिकित्सा भी शामिल है, से जूझते-लड़ते, चिकित्सकों द्वारा आराम और विश्राम के अनुशासन को भंग करते हुए उन्होंने इस कार्य को इति तक पहुँचाया। 

श्रीराम ताम्रकर का कहना है कि मेरे लिए यह सपना बहुत बड़ा नहीं था। नईदुनिया अखबार के लिए परदे की परियाँ, सरगम का सफर, नायक-महानायक, दूरदर्शन सिनेमा, फिल्म और फिल्म, विश्व सिनेमा और भारत में सिनेमा जैसे वार्षिक विशेषांकों का सम्पादन करते हुए, भारत के अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों का प्रेक्षक बने रहते हुए और नईदुनिया अखबार के लिए ही प्रतिमाह फिल्म संस्कृति जैसी लोकप्रिय लघु पत्रिका निकालते हुए मेरे लिए अब यही एक काम शेष था कि मैं हिन्दी के पाठकों के लिए उनकी भाषा और सुरुचि में सिनेमा का महाकोष तैयार करूँ। यह काम मेरे चालीस साल के तजुर्बे और सिनेमा माध्यम के प्रति अथाह अनुराग और निष्ठा का सुपरिणाम है। मैं ठहरकर, अपनी रचनात्मक तृप्ति की गहरी साँस लेता हूँ और अपने आपको खुशकिस्मत महसूस करता हूँ कि मायानगरी से बड़ी दूर इन्दौर शहर में रहते हुए मायानगरी के लिए ही यह बड़ा और अहम काम कर सका। 

1 टिप्पणी:

Vinay Singh ने कहा…

हैल्थ बुलेटिन की आज की बुलेटिन स्वास्थ्य रहने के लिए हैल्थ टीप्स इसे अधिक से अधिक लोगों तक share kare ताकि लोगों को स्वास्थ्य की सही जानकारिया प्राप्त हो सकें।